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इंफ्लिबनेट के उद्देश्यों, क्रियाकलापों एवं उपलब्धियों का विस्तारपूर्वक विवेचन कीजिए

इंफ्लिबनेट के उद्देश्यों, क्रियाकलापों एवं उपलब्धियों का विस्तारपूर्वक विवेचन कीजिए  भविष्य में सभी प्रतिभागी पुस्तकालयों को एक ही पुस्तकालय सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने की योजना है ।।| इस प्रस्तावित पुस्तकालय नेटवर्क हेतु तीन प्रकार के नेटवर्किंग मॉडलों को विकसित करने की योजना है:1. सभी खगोलिकीय पुस्तकालय के गृह-पृष्ठों (होम पेजस्) को अन्तर्सबंधित करना;2. एक समन्वित पुस्तकालय […]

7.2 स्वतन्त्रता पश्चात् सार्वजनिक पुस्तकालयों की स्थिति

7.2 स्वतन्त्रता पश्चात् सार्वजनिक पुस्तकालयों की स्थिति इसके अतिरिक्त कुछ व्यक्तिगत प्रयासों द्वारा स्थापित सार्वजनिक पुस्तकालय थे जिनके उपयोगार्थ भी शुल्क आवश्यक था। इस प्रकार स्वतन्त्रता पूर्व एवं पश्चात् तक पुस्तकालयों का उपयोग समाज के कुछ ऐसे संभ्रान्त व्यक्तियों तक ही सीमित था जो उनके उपयोगार्थ शुल्क दे सकते थे। इन पुस्तकालयों में संग्रहीत अधिकांश […]

शैक्षणिक पुस्तकालय की परिभाषा, स्वरूप एवं प्रकार से परिचित होना

शैक्षणिक पुस्तकालय की परिभाषा, स्वरूप एवं प्रकार से परिचित होना 3.3.6. प्रशासन 4. सारांश 5. अभ्यासार्थ प्रश्न 6. विस्तृत अध्ययनार्थ ग्रन्थसूची 1. विषय प्रवेशशिक्षा सीखने की एक प्रक्रिया है, जो मानव को हर स्तर पर समार्थवान बनाती है। इस प्रक्रिया में विदयालय, महाविदयालय और विश्वविदयालय अहम भूमिका निभाते है। किसी शिक्षण संस्था को अपने उद्देश्य […]

प्राचीन भारतीय इतिहास को जानने के साधनों विशेषकर सिक्कों के विषय में लिखिए।

प्राचीन भारतीय इतिहास को जानने के साधनों विशेषकर सिक्कों के विषय में लिखिए। उत्तर—पुरातात्विक साधन (Archaeology Sources)-प्राचीन भारतीय इतिहास के निर्माण के लिए पुरातात्विक साधनों का विशेष महत्त्व है इससे भारतवर्ष के अनेक तथाकथित अन्ध-युगों पर प्रकाश पड़ा है, और इन्हीं स्रोतों ने अनेकानेक संदिग्ध ऐतिहासिक मतों का निश्चित रूप से खण्डन-मण्डन किया है। पुरातत्त्व […]

Say in what respect, the teachings of Buddhism resembled and differed from the teachings of Jainism?

बौद्ध धर्म और जैन धर्म की शिक्षाओं में क्या समानताएँ और विभिन्नताएँ थी? समझाइये।।Say in what respect, the teachings of Buddhism resembled and differed from the teachings of Jainism?जैन और बौद्ध धर्म दोनों ही वास्तव में हिन्दू धर्म की दो शाखाएँ हैं। वैदिक धर्म के अत्यनत जटिल और अक्रियात्मक होने पर भारतीय जनता उससे उकता […]

Write a brief note on (i)Hinyan & mahayan. (ii) Buddha Sangeetiyan.

प्रश्न 15. संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखो।(i) हीनयान और महायान (ii) बौद्ध संगतियाँ Write a brief note on (i)Hinyan & mahayan. (ii) Buddha Sangeetiyan.उत्तर – (i) हीनयान तथा महायान – बौद्ध धर्म अपनी स्थापना के कुछ समय बाद कई शाखाओं में बँट गया । परन्तु उनमें से दो शाखाएँ मुख्य हैं1. हीनयान और महायान । (ii) हीनयान […]

Compare the teachings of Buddhism and Jainism and explain in what way they are different from each other.

प्रश्न 13. बौद्ध धर्म और जैन धर्म की मुख्य शिक्षाओं की तुलना कीजिये और यह भी बताइये कि किन-किन बातों में उसमें असमानता है।Compare the teachings of Buddhism and Jainism and explain in what way they are different from each other.अथवा बौद्ध धर्म और जैन धर्म की शिक्षाओं की तुलना कीजिए और उनमें अन्तर बताइये […]

Describe the various veiws about the original home of the Aryans and give a account of the Aryas in India.

वैदिक काल में राजनीतिक, सामाजिकएवं धार्मिक दशा (Political, Social and Religious Conditionsduring the vedic Age)प्रश्न 2. आर्यों के मूल निवासस्थान से सम्बन्धित मतों की चर्चा करते हुए भारत में आर्यों के प्रसार का वर्णन कीजिए।Describe the various veiws about the original home of the Aryans and give a account of the Aryas in India.| उत्तर […]

Write short note on the Internal and Foreign trade of India in Gupta Period.

प्रश्न17. गुप्तकाल में भारत के आन्तरिक व विदेशी व्यापार पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखो।।Write short note on the Internal and Foreign trade of India in Gupta Period.उत्तर- गुप्तकाल में व्यापार गुप्तकाल में भारत में व्यापार अधिक समुन्नत था। मजूमदार के अनुसार इस काल के आन्तरिक व्यापार के स्रोत अत्यन्त न्यून हैं। पर अकाल के अभाव र […]

Discuss the Palaeolithic period Indian civilisation.

प्रश्न 8 पुरापाषाणकालीन भारतीय सभ्यता का वर्णन कीजिए।Discuss the Palaeolithic period Indian civilisation.उत्तर–पुरापाषाणकालीन भारतीय सभ्यता—पुरातात्त्विक प्रमाणों के आधार पर विद्वानों ने तय किया है कि लगभग 5 लाख ई.पू. भारत में मानव का निवास रहा तभी से पाषाण काल शुरू हुआ और यह आज से करीब 40,000 वर्ष पूर्व समाप्त हुआ। पाषाण काल को तीन […]