नेशनल इनफॉरमेटिक्स सेन्टर नेटवर्क का सूचना प्रौद्योगिकी में क्या योगदान है ?

नेशनल इनफॉरमेटिक्स सेन्टर नेटवर्क का सूचना प्रौद्योगिकी में क्या योगदान है ?

उपलब्धियाँ:- सरनेट निम्नलिखित डेटाबेसों का अभिगम प्रदान करता है:
(क) भारतीय वैज्ञानिक पत्रिकाओं की राष्ट्रीय संघ प्रसूची (NUCSSI: National Union Catalogue of Scientific Serials in India),
(ख) भारतीय पत्रिकाओं की सामयिक अनुक्रमणिका (Current Contents of Indian Journals), तथा
ग) बहुलक एवं धात्विक विज्ञान (Polymer and Material Science) का ग्रन्थात्मक डेटाबेस प्रदत्त सेवाएँ:- सरनेट निम्नलिखित सेवाएँ प्रदान करता है:
(1) ई-मेल सेवा, (2) कैप्स (CAPS:Contents, Abstracts and Photocopies) सेवा, तथा
(3) इंस्डाँक (INSDOC) के माध्यम से विभिन्न डेटाबेसों का अभिगम ।

A crotc (NICNET: National Informaties Centre Network)

निकनेट नेशनल इनफॉरमेटिक्स सेन्टर नेटवर्क का संक्षिप्त नाम है, जिसकी स्थापना राष्ट्रीय सूचना केन्द्र, योजना आयोग द्वारा 1977 ई. में की गई थी । सेटेलाइट आधारित इस कंप्यूटरीकृत सूचना प्रणाली का प्रारम्भिक उद्देश्य सरकार को योजनाओं के निर्माण के लिए संबंधित निर्णयों को लेने हेतु कंप्यूटर एवं संचार प्रणाली की आधारशिला प्रदान करना है । अपने प्रारम्भिक चरण में निकनेट ने साइबर 170/730 (Cyber 170/730) सिस्टम के द्वारा नगरों के मध्य एक नेटवर्किग मॉडल तैयार किया । इसी चरण के अंतर्गत 1982 में हुए एशियाड खेल और 1984 में दिल्ली में हुए गुट-निरपेक्ष सम्मेलन का प्रसारण किया जा सका । अपने वितीय चरण में निकनेट ने चार एन ई सी -1000 (NEC-1000) सिस्टम का अधिग्रहण किया जिसे निकनेट के मुख्यालय नई दिल्ली और इसके क्षेत्रीय केन्द्रों पुणे, हैदराबाद और भुवनेश्वर में स्थापित किया गया । इसके साथ देश के 35 राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों की राजधानियों में एन डी 550 (ND-550) आदि कंप्यूटरों को स्थापित किया गया । इन राज्य मुख्यालयों को आई बी एम पी सी/ए टी (IBMPCIAT) के द्वारा जिला मुख्यालयों से जोड़ा गया । जिला स्तर पर लगभग 450 केन्द्रों की स्थापना करके इन्हें एक सैटेलाइट चैनल द्वारा माइक्रो अर्थ स्टेशन (Micro Earth Station) से सम्बद्ध किया गया है । राष्ट्रीय विज्ञान केन्द्र ने जिला स्तर पर सूचनाओं के विकास हेतु डिसनिक (DISNIC:District Information System of NIC) की स्थापना की। यह एक डेटा बैंक है, जिसमें संबंधित मंडलों के विविध विषयों, भौगोलिक आँकड़े आदि होते हैं । इसके अलावा निकनेट के द्वारा लेखा एवं बजट, आयात-निर्यात विवरण, अर्थशास्त्र एवं सामाजिक विषय, वन्यजीवन एवं वानिकी, लघु उद्योग, वाणिज्य, निर्माण उद्योग आदि की सूचना उपलब्ध हो सकती है ।।

डिसनिक (DISNIC:District Information System of NIC) 

इस समय इस सूचना नेटवर्क के अंतर्गत एक वितरित डेटाबेस प्रबन्धन प्रणाली (DDMS:Distributed Database Management System) को क्रियान्वित किया जा रहा
उद्देश्य:-सभी सरकारी निर्णयों को क्रियान्वित करने के लिए एवं सभी सरकारी विभागों को नेटवर्क के द्वारा एक मूत्नस्त स्थ्य र स्पंह दूसरे से जोड़ने के लिए स्थापित इस नेटवर्क के निम्नलिखित उद्देश्य है : –
(1) सरकार कंप्यूटरीकरण की ओर प्रवृत्त करना; (2) क्षेत्रीय, राज्य स्तरीय व राष्ट्रीय स्तर पर सूचनापूर्ण संस्कृति को प्रोत्साहन देना; (3) पूरे देश में सूचनाओं के सरल व स्पार। उपलब्धता हेतु कंप्यूटर की स्थापना करना; (4) संसाधनों का तीव्र एवं विश्वसनीय उपयोग सुनिश्चित करना; (5) डेटा संग्रहण, संकलन एवं प्रसारण के मानदण्डों को सुनिश्चित करना था
(6) अंतरराष्ट्रीय डेटाबेसों के अभिगम हेतु सुविधा प्रदान करना । | उपलब्धियाँ- निकनेट की निम्नलिखित उपलब्धियाँ हैं:(क) सन् 1982 में दिल्ली में हुए एशियाई खेलों का प्रसारण; (ख) सन् 1984 में दिल्ली में हुयी गुटनिरपेक्ष शिखरवार्ता का प्रसारण; तथा (ग) एक अभिलेखागरीय सूचना डेटाबैंक की स्थापना । | इसके अलावा निकनेट निम्न प्रकार की सूचनाओं को भी प्रसारित करता – 1. लेखा एवम् बजट से संबंधित सूचना; 2. आयात-निर्यात, सम्पत्ति कर आदि से संबंधित सूचना; तथा
3. ऋण, नियोजन इत्यादि से संबंधित सूचना ।।

6.4. विद्यानेट (VIDYANET) ।

विद्यानेट एक प्रस्तावित सम्प्रेषण/कंप्यूटर नेटवर्क है जो देश की उच्चस्तरीय एवं विशिष्ट प्रयोगशालाओं/संस्थाओं में कार्यरत वैज्ञानिकों एवं शोधार्थियों की सूचना आवश्यकता को पूरा करेगी । अनुमानत : तीन वर्षों में पूर्णरुपेण संचालित हो सकने वाली इस नेटवर्क के प्रथम चरण में लगभग 10 भारतीय संस्थानों को शामिल का प्रस्ताव है । ये संस्थान निम्नलिखित हैं:
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (All India Institute of Medical Sciences)
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (Indian Agricultural Research Institute)
3. भारतीय प्रौद्यतेगेक संस्थान (India Institute of Technology)
4. भारतीय सांख्यिकीय संस्थान (Indian Statistical Institute)
5. राष्ट्रीय भौतिकी प्रयोगशाला (National Physical Laboratory)
6. भाभा परमाण्विक अनुसंधान केन्द्र (Bhabha Atomic Reserch Centre)
7. भारतीय भू-चुम्बकीय संस्थान (Indian Institute of Geomagnetism)
 8. राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी केन्द्र (National Centre for Software Technology)
9. टाटा आधारभूत अनुसंधान संस्थान (Tata Institute of Fundamental Research)
आने वाले चरणों में अहमदाबाद, बंगलोर, भोपाल, कोलकाता, एवं चेन्नई के शोध संस्थानों को भी शामिल करने की योजना है ।।
उद्देश्य:- इस नेटवर्क के प्रमुख उद्देश्य निम्नालिखित हैं:
(1) इस नेटवर्क का सबसे प्रमुख उद्देश्य है, दिन-प्रतिदिन शोध सूचनाओं है विनिमय,
सहकारी अनुसंधान कार्यों और संयुक्त परियोजनाओं तथा प्रकाशानों को एक दिशा प्रदान
करना;
(2) जैव प्रौद्योगिकी, अतिचालकता (Superconductivity) एवं सुपरनोवा (Supernova) अनुसंधानों से संबंधित डेटाबेस का निर्माण करना;
(3) एक गेटवे के माध्यम से देश एवं विदेशों के विभिन्न संस्थानों के बीच सूचना संप्रेषण एवं विनिमय की गति को बढ़ाना;
(4) संस्थाओं के कंप्यूटरों को दूरसंचार माध्यम से जोड़ना;
(5) ई-मेल की सुविधा प्रदान करना; (
6) सहकारी शोध कार्यों को प्रोत्साहित करना; तथा
(7) फाइल स्थानांतरण (File Transfer) की सुविधा प्रदान करना ।

6.5. इन्डोनेट (INDONET)

इन्डोनेट भारत का कंप्यूटर आधारित प्रथम वाणिज्यिक नेटवर्क है, जिसकी स्थापना सी एम सी (CMC: Computer Maintenace Corporation) लिमिटेड द्वारा की गई । यह नेटवर्क एकीकृत सूचना प्रबंधन एवं वितरित डेटाबेस प्रणाली हेतु एक उत्तम नेटवर्क है | अपने प्रारम्भिक चरण में नेटवर्क को बंगलोर, अहमदाबाद एवं पुणे के अभिगम केन्द्रों के साथ मुम्बई, कोलकाता एवं चेन्नई में स्थित आई दी एम (IBM) 4361 कंप्यूटरों, दिभी में स्थित पी डी पी (PND) 11/44 और हैदराबाद स्थित आर ओ बी (ROB) 1055 से जोड़ा गया । इस नेटवर्क में आई बी एम (IBM) की सिस्टम नेटवर्क संरचना एवं 2400/4800 बिदस//सेकेंड वाली लाइन्स का प्रयोग किया गया है ।
| इस नेटवर्क हेतु कोलकाता, मुम्बई एवं चेन्नई में संयुक्त केन्द्र स्थापित किये गये है । सन् 1991 तक इसके 100 केन्द्र स्थापित किये जा चुके थे । यह कंप्यूटर नेटवर्क एक तारक नेटवर्क (Star Network) संरचना पर आधारित है, जिसे दिल्ली से जोड़ा गया है । पैकेट स्विचड (Packet Switched) तकनीक पर आधारित इस नेटवर्क में सूचनाओं एवं आँकड़ों का स्थानान्तरण मुख्य राऊटिंग केन्द्र से इंडोनेट के अन्य केन्द्रों को होता है । आई बी एम (IBM) प्रोटोकॉल के अतिरिक्त यह नेटवर्क X. 25 प्रोटोकॉल का भी प्रयोग करता है | 

Updated: July 9, 2019 — 1:58 pm

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