इंडोनेट नेटवर्क की क्या क्या विशेषताएँ है, इनके उद्धेश्य के साथ साथ इनकी संरचना और उपलब्धियां भी बताइये ?

इंडोनेट नेटवर्क की क्या क्या विशेषताएँ है, इनके उद्धेश्य के साथ साथ इनकी संरचना और उपलब्धियां भी बताइये ?

इंडोनेट का मुम्बई केन्द्र विदेश संचार निगम लिमिटेड के अंतर्राष्ट्रीय गेटवे से जुड़ा है जिसके फलस्वराप अन्य देशों के सार्वजनिक डेटा नेटवर्क को अभिगमित किया जा सकता है ।।
इन्डोनेट के लाभ :- इंडोनेट के निम्नलिखित लाभ हैं:
(1) इस नेटवर्क के प्रयोग से अंतरराष्ट्रीय डेटाबेसों का अभिगम प्राप्त कर सकते हैं,
(2) एक एकीकृत सूचना प्रबंधन एवं वितरित डेटा सम्प्रेषण की सुविधा नेटवर्क को एक महत्वपूर्ण भूमिका प्रदान करती है,
(3) इस नेटवर्क द्वारा स्टॉक एक्सचेंज, विदेशी मुद्रा विनिमय दरों आदि जैसी सूचना प्राप्त की जा सकती है,
(4) विभिन्न प्रकार के व्यापारिक डेटाबेसों एवं सॉफ्टवेयरों के निर्माण में यह नेटवर्क सहायता प्रदान करता है, तथा
(5) इस नेटवर्क को संयुक्त राज्य अमेरिका के टाइमनेट (TYMNET) कंप्यूटर नेटवर्क, जर्मनी के डेटेट-पी (DATATP) एवं फ्रांस के ट्रांसपैक (TRANSPAC) से संबद्ध किया गया है |

द्रोण (DRONA: DRDO Rapid Online Network Access)

द्रोण, डी आर डी ओ (DRDO) रैपिड ऑनलाइन नेटवर्क ऐक्त्तेस का संक्षिप्त नाम है। जो भारत सरकार के ‘रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (Defence Research and Development Organisation) द्वारा सूचना प्रसारण हेतु निर्मित किया गया है । एक राष्ट्रीय नेटवर्क होने के बावजूद इस नेटवर्क का उपयोग रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की विभिन्न प्रयोगशालाओं में ही किया जा सकता है । वर्तमान में संगठन की 54 प्रयोगशालाएँ इस नेटवर्क से जुड़ी हैं ।
इस नेटवर्क के विकास का प्रथम चरण अनुराग (ANURAG: Advanced Numerical Research and Analysis Group), हैदराबाद में प्रारम्भ हुआ और वर्तमान में अनुराग इस नेटवर्क के मुख्य हब (Main Hub) का कार्य कर रहा है । इस नेटवर्क में 6 मुख्य राऊटिंग केन्द्र (Main Routing Centre) हैं जो निम्नलिखित है:
1. डेसीडॉक (DESIDOC: Defence Scientific Information and Documentation Centre), दिल्ली ।।
2. डील (DEAL: Defence Electronics Appplication Laboratory), देहरादून ।
3. आर एण्ड डी (ई) (R&D(E): Research and Development(Establishment) पुणे ।।
4. डी आर डी एल (DRDL: Defince Ressearch and Development Lab.), हैदराबाद ।।
5. एल आर डी ई (LRDE), बंगलोर ।।
6. मुख्यालय (HQrs: Headquarter), नई दिल्ली ।।
इन 6 राऊटिंग केन्द्रों के अलावा अन्य सभी प्रयोगशालाओं को उप-राऊटिंग केन्द्रों का दर्जा प्राप्त है । प्रत्येक उप- राऊटिंग केन्द्र किसी-न-किसी मुख्य राऊटिंग केन्द्र से जुड़ा है ।।
| इस नेटवर्क के संचार में तेजी लाने हेतु आई एस डी एन (ISDN: Integrated Service Digital Natwork) का प्रयोग किया गया है । एक मुख्य राऊटिंग केन्द्र के अंतर्गत 8 से 10 आई एस डी एन । की सुविधा उपलब्ध है ।।

द्रोण नेटवर्क के उद्देश्य

:- द्रोण नेटवर्क के निम्नलिखित उद्देश्य हँ:
1. डी आर डी ओ की सभी प्रयोगशालाओं को रक्षा विज्ञान पुस्तकालय डेटाबेस के ऑनलाइन अभिगम की सुविधा प्रदान करना;
2. संगठन के भीतर फाइलों के हस्तांतरण (File Transfer) को सरल एवं तीव्र बनाना;
3. विभिन्न प्रयोगशालाओं के बीच नयी सूचना, प्रौद्योगिकी, अस्त्र/शस्त्र उत्पाद आदि हेतु एक सेतु का कार्य करना;
4. डी आर डी ओ के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुफ्त ई-मेल सेवा प्रदाई करना ।।
प्रदत्त सेवाएँ:- द्रोण नेटवर्क अपने उपयोगकर्ताओं को निम्नलिखित सेवाएँ उपलब्ध कराता है |
(क) ऑन-लाइन चैटिंग (Chating) की सुविधा;
(ख) डी आर डी ओ में रोजगार अवसरों की उपलब्धता की ऑन-लाइन सुविधा;
(ग) डी आर डी ओ के वैज्ञानिक इंटरनेट के द्वारा अपना मेल भेज/प्राप्त कर सकते हैं;
(घ) डी आर डी ओ की प्रयोगशालाओं की निर्देशिका की ऑन-लाइन उपलब्ध्ता;
(ङ) इलेक्ट्रानिक बुलेटिन बोर्ड सेवा (Electronic Bulletin Board Services);
(च) सभी प्रयोगशालाओं के गृहपृष्ठों (Home Page) के अभिगम की सुविधा; ।
(छ) डी आर डी ओ द्वारा प्रकाशित पत्रिकाओं, समाचारपत्रों या अन्य मुद्रित प्रतियों की ऑन
लाइन अभिगम की सुविधा; तथा
(ज) ऑन लाइन पुस्तकालयों डेटाबेस अभिगम की सुविधा

टाइफैकलाइन (TIFACLINE)

टाइफैकलाइन एक राष्ट्रीय नेटवर्क है, जिसकी स्थापना सितम्बर 1991 में ऑन लाइन प्रौद्योगिकी सूचना तंत्र के रुप में की गई । टाइफैकलाइन की स्थापना विज्ञान एवं प्रौद्योगिक विभाग के टेक्मालॉजी, इंफोर्मेशन, फोरकास्टिंग एण्ड असेसमेंट काऊंसिल (TIFAC: Technology Information, Forecasting and Assessement Council) cart Panel गया । इस नेटवर्क का प्रथम प्रदर्शन दिभी एवं बंगलोर के बीच 1990 में हुए अंतरराष्ट्रीय कंप्यूटर संचार सम्मेलन (International Conference for Computer Communication) में किया गया । प्रारम्भ में प्रायोगिक तौर पर प्रारम्भ किये गये इस नेटवर्क को बाद के वर्षों में इंडोनेट के माध्यम से संचालित करने का प्रयोजन है ।।
उद्देश्य:- टाइफैकलाइन परियोजना को प्रारम्भ करने के निम्नलिखित मुख्य उद्देश्य हैं:
(1) इस नेटवर्क का सबसे प्रमुख उद्देश्य देश के विभिन्न संस्थानों एवं संगठनों उपलब्ध सूचनाओं को अवकलित करना;
(2) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के किसी भी क्षेत्र में विस्तृत सूचना उपलब्ध;
(3) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सॉफ्टवेयर का निर्माण करना;
(4) पूरक डेटाबेसों का निर्माण करना ।
पाइलट परियोजनायें:- टाइफैकलाइन निम्नलिखित पाइलट परियोजनाओं को क्रियान्वित करने की ओर अग्रसर है:
(क) डेटाबेस निर्माण हेतु सॉफ्टवेयरों का विकास; (ख) कम से कम दो पूरक डेटाबेसों का अभिगम; तथा (ग) डायल-अप लाइन द्वारा यंत्रों से संबद्धता ।
उपलब्धियाँ:- इस नेटवर्क की निम्नलिखित उपलब्धियाँ है:
(1) भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के दारा विश्व में विकसित मानक डेटाबेसों का अभिगम प्रदान करना;
(2) देश के पेटेंट (Patent) डेटाबेसों का अभिगम प्रदान करना; तथा
(3) इजीनेट (EASYNET) के माध्यम से लगभग 850 डेटाबेसों का अभिगम प्रदान करना।

 विक्रम (VIKRAM)

विक्रम एक पैकेट-स्विच्छ डेटा सार्वजनिक नेटवर्क है, जिसका विकास भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने किया है । प्रारम्भ में इस नेटवर्क में 8 स्विचिंग नोड एवं 12 दूर अभिगम केंद्रों को शामिल किया गया है जिसका प्रबन्ध केन्द्र दिल्ली में स्थित है । आठ नोड्स में से चार महानगरों (दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता एवं चेन्नई) में स्थित हैं, जो 64,000 बिट्स/सेकेंड के जाल से जुड़े है, जबकि अन्य नोड्स 9600 बिट्स/सेकेंड से जुड़े हैं । इस नेटवर्क हेतु X.3,X.25,X.28,X.29,X.32 आदि प्रोटोकॉल प्रस्तावित किये गये हैं ।
 वस्तुनिष्ठ प्रश्न
1. निम्नलिखित में से कौन सा नेटवर्क अरनेट (ERNET) की आधारशिला पर स्थापित
(अ) सरनेट (SIRNET) (ब) द्रोण (DRONA) (स) विक्रम (VIKRAM)
(द) निकनेट (NICNET)
2. निम्नलिखित में कौन सा नेटवर्क रक्षा विइगन से संबधित है:
(अ) सरनेट (SIRNET) (ब) अरनेट (ERNET) (स) द्रोण (DRONA)
(द) टाइफैकलाइन (TIFACLINE)
3. देश में प्रारम्भ की गई योजनाओं, लेखा एवं बजट आदि से संबंधित सूचनाओं की प्राप्ति हेतु आप किस नेटवर्क की सहायता लेंगे: (अ) सरनेट (ब) निकनेट (स) अरनेट
(द) विद्यानेट

Updated: July 9, 2019 — 1:58 pm

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